हार्ट अटेक के कारण,लक्षण और बचाव के उपाय | Heart attack ke karan, lakshan aur upay.
आजकल की जीवनशैली इस तरह की हो गई है कि इसके कारण लोगों में हार्ट अटैक की समस्या बढ़ रही है। हार्ट अटैक का नाम सुनते ही हम घबरा जाते हैं। हार्ट अटैक आने पर ऐसी परिस्थितियां बन जाती है जिसे अगर समय रहते नहीं संभाला जाए तो उस व्यक्ति की जान भी जा सकती है हार्ट अटैक आने पर व्यक्ति को सीने में बहुत तेज दर्द होता है। हार्ट अटैक तब आता है जब ह्रदय तक ऑक्सीजन युक्त ब्लड का प्रवाह धमनियों के सिकुड़ने अथवा फैट जमा होने से अवरुद्ध हो जाता है।
हार्ट अटेक कई प्रकार से आते है ।
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यह गंभीर किस्म का दिल का दौरा है जिस पर समय रहते ध्यान देना अति आवश्यक है । यह दिल का दौरा तब आता है जब कोरोनरी धमनी पूरी तरह से अवरुद्ध या बंद हो जाती है यह अवरुद्ध रक्त को ह्रदय में पहुंचने से रोकता है
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इस प्रकार के दिल के दौरे तब आते हैं जब कोरोनरी धमनी आंशिक रूप से अवरुद्ध हो जाती है और रक्त का प्रवाह गंभीर रूप से प्रतिबंधित हो जाता है।यह ह्रदय में स्थाई नुकसान का कारण बनता हैं।
Loronary artery spasm
इस तरह के दिल के दौरे को साइलेंट हार्ट अटैक भी कहा जाता है। इस तरह के हार्ट अटैक तब आते हैं जब ह्रदय की धमनियों में ऐठन आ जाती है और ह्रदय में ऑक्सीजन ठीक तरह से नहीं पहुंच पाती है।
हार्ट अटैक के कारण
शरीर का बढ़ा हुआ वजन
यदि आपका वजन ज्यादा है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि बढ़े हुए वजन के कारण कई अन्य तरह की बीमारियों के साथ हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
मधुमेह
जिन लोगों को मधुमेह रोग होता है उन्हें सावधान रहना चाहिए क्योंकि इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। मधुमेह के रोगियों में हार्टअटैक आने पर सीने में दर्द नहीं होता उन्हें ज्यादातर साइलेंट हार्ट अटैक आता है।
कोलेस्ट्रोल का स्तर
गलत खानपान की आदतों की वजह से धमनियों में कोलेस्ट्रोल जमा हो जाता है जिससे धमनियों में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है।लगभग 40 की उम्र होने पर कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बिगड़ने लगता है।
जीवनशैली
बदलती जीवनशैली भी हार्ट अटैक के मुख्य कारणों में से एक हैं। रात को देर तक काम करना , व्यायाम नहीं करना, समय पर भोजन नहीं करना कुछ ऐसे कारण हैं जिनके कारण अन्य बीमारियों के साथ हार्ट अटैक की समस्या भी बढ़ रही है।
तनाव
व्यक्ति को कई कारणों से तनाव की स्थिति में आना पड़ सकता है। सामाजिक पारिवारिक और अनुवांशिक कारणों से व्यक्ति तनाव में रहता है तो उसे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
ब्लड प्रेशर
ब्लड प्रेशर ऐसी स्थिति जिसमें रक्त धमनियों की सतह पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाता है, ब्लड प्रेशर कहलाता है। इस स्थिति का समय रहते अगर इलाज नहीं किया गया तो हार्टअटैक और हृदय संबंधी बीमारियां हो सकती है।
धूम्रपान
धूम्रपान करने से शरीर में निकोटीन और अन्य जहरीले पदार्थ पहुंच जाते हैं। जब आप धूम्रपान करते हैं तो यह जहरीले पदार्थ फेफड़ो तक पहुंचते हैं और फिर धमनियों के माध्यम से ह्रदय और मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं इससे हृदय की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
हार्ट अटैक के लक्षण
सीने में दर्द रहना
सीने में दर्द,भारीपन और असहजता हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। अगर आपको सीने में तेज दर्द उठता है और फिर धीरे-धीरे वह बाईं बांह की तरफ जाता है तो यह हार्टअटैक का लक्षण हो सकता है।
चक्कर आना
अगर आपको अचानक चक्कर आते हैं या बिना कारण थकावट रहती है तो आपको तुरंत डॉक्टर का परामर्श लेना होगा क्योंकि यह हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है।
पैरों में सूजन
अगर आपका हार्ट ठीक ढंग से रक्त को पंप नहीं कर पाता है तो इससे किडनी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और इसी कारण पैरों में सूजन रहती है यदि यह लक्षण आपको लम्बे समय तक दिखे तो यह हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है।
सांस लेने में तकलीफ
जब हार्ट सही तरह से काम नहीं कर रहा हो तो फेफड़ों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और सांस लेने में परेशानी होती है तो यह भी हार्टअटैक का एक लक्षण हो सकता है।
बिना कारण पसीना आना
सामान्यता कोई मेहनत का कार्य करने पर पसीना आता है। लेकिन अगर बिना कोई शारीरिक क्रिया किए ही पसीना आता है तो यह आपके लिए एक चेतावनी है। आपको तुरंत अपना चेकअप करवाना चाहिए। यह हार्ट अटैक का लक्षण है।
ज्यादा दिनों तक सर्दी या कफ की समस्या रहना
यदि आपको काफी समय से सर्दी जुखाम है और कफ का रंग असामान्य रूप से सफेद या गुलाबी है तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है। यह हार्टअटैक का लक्षण हो सकता है।
बचाव के उपाय
वजन संतुलित रखना
मोटापा सेहत के लिए ठीक नहीं होता है । वजन बढा हुआ होने पर हृदय के पम्प करने की क्षमता कम हो जाती है ।स्वस्थ खानपान और सही जीवनशैली अपनाकर हम अपना वजन संतुलित रख सकते हैं।
नमक की मात्रा नियंत्रित रखकर
ज्यादा नमक सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ज्यादा नमक खाने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बना रहता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
नियमित और हल्का व्यायाम और टहलना
हार्ट अटैक के खतरे से बचने के लिए हमें रोज 30 से 45 मिनट तक हल्का व्यायाम या योग कर सकते हैं। टहलने भी जा सकते हैं। टहलने की रफ्तार इतनी ही होनी चाहिए जिससे सांस नहीं फूले और सीने में दर्द ना हो।
फाइबर युक्त भोजन लेना
इस तरह का भोजन लेना चाहिए जिसमें अधिक मात्रा में फाइबर और रेशे होते हैं। इसके लिए आप फल तथा सब्जियों के सलाद का प्रयोग कर सकते हैं।
मधुमेह पर नियंत्रण रखकर
मधुमेह के रोगियों के आर्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए मधुमेह के रोगियों को मीठे भोजन से बचना चाहिए तथा नियमित व्यायाम और फाइबर युक्त भोजन लेकर अपना शुगर लेवल नियंत्रित रखना चाहिए।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख कर
यदि धमनियों में ब्लॉकेज है तो ब्लड प्रेशर के कारण आपकी समस्या बढ़ सकती है अच्छा भोजन करके और डॉक्टर के परामर्श से दवा लेकर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना चाहिए।
बिना तेल का और घर का खाना खाए
बाहर का तला हुआ भोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। खासकर ह्रदय रोगियों के लिए। इसलिए हमेशा घर का बना हुआ बिना तेल का खाना खाना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित नहीं रखने से यह धमनियों में जम जाता है। घी तेल आदि में तले हुए भोजन का प्रयोग ना करें लहसुन और सोयाबीन दालें आदि का सेवन कर सकते हैं।
नियमित बॉडी चेकअप
नियमित रूप से अपने शरीर की जांच करवाते रहना चाहिए यदि कोई ह्रदय संबंधी बीमारी हो भी जाए तो सबसे पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।



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