मयूरासन करने के फायदे और तरीका | mayurasana karne ke fayde aur tarika
इस आसन में शरीर का सारा वजन हाथों पर होता है। मयूरासन का मतलब व्यक्ति यह आसन करते समय मोर की तरह दिखाई देता है। मयूरासन दो शब्दों के योग से बना है, मयूर और आसन। इस योग को सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
सावधानियां
यह आसन खाली पेट करें
जिन लोगों को रक्तचाप की समस्या है उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए
जिन लोगों को टीबी हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए।
अल्सर और हर्निया जैसे रोगी ये आसन न करें
जिन लोगों को दिल की बीमारी है वे ये योग ना करें
कंधों में चोट या दर्द होने पर यह योग ना करें
गर्भवती महिलाएं यह योग ना करें
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मयूरासन करने के फायदे
रीड की हड्डी के लिए फायदेमंद।
आंतरिक अंगों और आंतों का स्वास्थ्य ठीक रहता है।
हाथ व कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती है।
इस आसन को करने से रक्त संचार सही रहता है।
इस आसन को करने से त्वचा स्वस्थ और चेहरे पर चमक रहती है।
मधुमेह के रोगियों के लिए यह आसन लाभदायक है।
यह आसन करने से फेफड़े स्वस्थ रहते हैं।
मयूरासन करने से गुर्दे अमाशय और अग्नाशय स्वस्थ रहता है।
मयूरासन से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
पुरुषों में प्रजनन क्षमता में लाभदायक है।
मयूरासन करने से महिलाओं में मासिक धर्म सही व रजोनिवृत्ति के लक्षणों में कमी आती है।
यह आसन करने से तनाव दूर रहता है।
मयूरासन करने का तरीका
मुलायम दरी या मेट बिछा कर घुटनों के बल बैठ जाएं।
दोनों हाथ की हथेलियां नीचे टिका दें जिनकी उंगलियां पैरों की तरफ होनी चाहिए।
दोनों कोहनियों को मोड़कर नाभि के पास रखें और पैर सीधा करना शुरू करें।
पैरों को ऊपर उठाएं और सिर नीचे की तरफ ले जाए।
शरीर का वजन हथेलियों पर रखें और क्षमता अनुसार थोड़ी।
देर इसी स्थिति में रहे।
पैरों को नीचे ले आए और प्रारंभिक स्थिति में आ जाए।

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