सूर्य नमस्कार करने से मिलेंगे ये फायदे | Surya namaskar karne se milenge ye fayde.
सूर्य नमस्कार एक ऐसा योगासन है जिससे 12 तरह के योगासन करने के लाभ प्राप्त होते हैं।सूर्य नमस्कार सुबह के समय खाली पेट करना सबसे उत्तम माना गया है। यह आसन करना काफी सरल होता है। कोई भी बच्चे से लेकर बड़ों तक ये आसन आसानी से कर सकता है।
सूर्य नमस्कार ना केवल स्वास्थ्य को ठीक रखता है बल्कि यह सूर्य की उपासना या कृतज्ञता प्रकट करने का एक तरीका भी है। सूर्य नमस्कार योग करने से पूर्व हमें कुछ बातों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। जैसे:
जिन लोगों को गर्दन या पीठ में दर्द की शिकायत है वे योग ना करें
महिलाएं महावारी और गर्भावस्था में यह योग ना करें।
खाने के तुरंत बाद यह योग ना करें।
योग करते समय पानी ना पिए।
कोई बीमारी होने पर यह योग ना करें।
सूर्य नमस्कार करने का तरीका
अपनी मेट के किनारे खड़े होकर सांस लेते हुए प्रणाम की मुद्रा में आ जाएं और सांस छोड़ दे।
श्वास लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और थोड़ा पीछे ले जाकर शरीर को ऊपर खींचने का प्रयास करें।
श्वास छोड़ते हुए आगे झुके और अपने दोनों हाथ पैरों के पंजों के पास रखें।
श्वास छोड़ते हुए दाया पैर पीछे ले जाएं और स्वास्थ छोड़ दें। स्वास लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और छोड़ दें।
अपने कूल्हों को थोड़े उठाएं और हाथ और पैर पर वजन रखें।
स्वास लेते हुए छाती को आगे उठाएं और भुजंगासन में आए।
श्वास को छोड़ते हुए कूल्हों को ऊपर उठाएं।
श्वास लेते हुए दाया पैर दोनों हाथों के बीच लाए सांस छोड़ते हुए बाएं पैर को भी आगे लाएं।
श्वास लेते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाए।
श्वास छोड़ते हुए हाथ नीचे लाए और सीधा खड़ा हो जाए।
सूर्य नमस्कार 12 तरह के योगासनों का पूर्ण क्रम है। वह इस प्रकार है।
1.प्रणाम आसन
2.हस्त उत्तानासन
3.पादहस्तासन
4.अश्व संचालनासन
5.दंडासन
6.अष्टांग नमस्कार
7.भुजंगासन
8.अधोमुखी सवासन
9.अश्व संचालनासन
10.पादहस्तासन
11.हस्त उत्तानासन
12.प्रणाम आसन
सूर्य नमस्कार के लाभ
यह भी पढें शीर्षासन करने के लाभ और तरीकावजन कम करने में सहायक
खराब जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से शरीर में फालतू की चर्बी जमा होती रहती है और व्यक्ति मोटा हो जाता है।
हर वह व्यक्ति जिसका वजन ज्यादा है अपना वजन नियंत्रित करना चाहता है। सूर्य नमस्कार योगासन करने से शरीर के हर हिस्से का व्यायाम हो जाता है जिससे शरीर की चर्बी कम होने लगती है। दूसरे शब्दों में कहें तो सूर्य नमस्कार से हम शरीर को फिट और तंदुरुस्त रख सकते हैं।
पाचन क्रिया में सुधार
सूर्य नमस्कार से शरीर के बाहर के अंगों के साथ-साथ भीतरी अंगों का भी व्यायाम होता है। ये आसन करने से हमारा पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है।
सूर्य नमस्कार योग आसन से पाचन तंत्र में ऐसे रस निकलते हैं जो भोजन को सही से पचाने में सहायक हैं। साथ ही शरीर में गैस और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।
हड्डियों व जोड़ों के लिए
सूर्य नमस्कार करने से शरीर की हड्डियों के जोड़ों का व्यायाम तो होता ही है साथ ही हड्डियों को विटामिन डी की प्राप्ति भी हो जाती है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह व्यायाम हम सूर्य के सामने करते हैं। शरीर को सूर्य की रोशनी से विटामिन डी की प्राप्ति होती है जिससे शरीर की हड्डियां स्वस्थ और मजबूत बनती है।
रक्त संचार सही रखने में सहायक
सूर्य नमस्कार एक ऐसा योगासन है जिससे पूरे शरीर की मांसपेशियों का व्यायाम हो जाता है। यह योगासन करते समय शरीर के हर हिस्से का प्रयोग होता है जिससे शरीर के रक्त का संचार पूरे शरीर में तेजी से होता है। इस प्रकार इस योगासन से हमारा यह तंत्र पूरी तरह से स्वस्थ रहता है।
तनाव में लाभदायक
तनाव दूर करने के लिए सूर्य नमस्कार सबसे अच्छे योगासनों में से एक है। इस योगासन को करने से तन में स्फूर्ति के साथ-साथ मन भी शांत रहता है।
इस योगासन का अभ्यास करते समय सांस भरकर धीरे-धीरे छोड़ने से शरीर रिलैक्स होता है और इस तरह से तनाव को दूर करने में भी सूर्य नमस्कार सहायक है।
त्वचा के अच्छे स्वास्थ्य के लिए
सूर्य नमस्कार का नियमित रूप से अभ्यास करने से रक्त संचार सही रहता है, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है। साथ ही त्वचा में झुर्रियां भी जल्दी नहीं आती है।
मन शांत रहता है
सूर्य नमस्कार से मन में एकाग्रता आती है जिससे मन शांत रहता है। जो लोग नियमित रूप से प्रतिदिन सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते हैं, उन्हें शारीरिक स्फूर्ति व ताजगी तो मिलते ही है, साथ ही मानसिक शांति प्राप्त होती है।
शरीर में लचीलापन
सूर्य नमस्कार से पूरे शरीर की मांसपेशियों के साथ हड्डियों का व्यायाम भी होता है। इस प्रकार यह योग शरीर में लचीलापन प्राप्त करने में सहायक है।



0 टिप्पणियाँ